खगड़िया (बिहार) से एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है, जहाँ 5 साल की मासूम बच्ची को इंसाफ दिलाने की मांग को लेकर लोगों की भारी भीड़ IAS अधिकारी के दफ्तर में घुस गई। घटना के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया और पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बच्ची के साथ हुई कथित गंभीर घटना से आक्रोशित परिजन और स्थानीय लोग न्याय की मांग को लेकर एकजुट हुए। उनका आरोप है कि पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई धीमी है, जिस कारण मजबूर होकर उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।
भीड़ ने दफ्तर में घुसकर प्रशासन से
- आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी,
- मामले की फास्ट ट्रैक जांच,
- और पीड़ित परिवार को सुरक्षा व मुआवजा देने की मांग की।
लोगों का कहना था कि अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे मामलों में आम जनता का भरोसा कानून से उठ जाएगा। वहीं प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
घटना के बाद दफ्तर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और वरिष्ठ अधिकारी हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
अब बड़ा सवाल यह है कि
क्या एक 5 साल की बच्ची को इंसाफ पाने के लिए भीड़ के साथ दफ्तर में घुसना पड़ेगा?
या फिर प्रशासन समय रहते ऐसा उदाहरण पेश करेगा जिससे भविष्य में किसी को इस तरह सड़क पर उतरने की जरूरत न पड़े।






